Koi baat nai ho

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 Ch 6 - Koyal par Mandraya Baaz


रोशनी,अमित के सामने मुँह फुलाकर आगे-आगे चलने लगी थी। अमित उसके पीछे- पीछे था और प्रीतम, गर्वित और लकी भी उन दोनों के पीछे थे। हॉस्टेल के दरवाज़े से बाहर निकलने के कुछ देर बाद ही वो लोग काका का ढाबा के लिए निकल चुके थे।


इधर कोयल की सहेलियाँ उसका घाव देखकर उससे बातें कर रही थी।


"ओह! तो उसने तुमसे माफ़ी माँगी?" उसके बग़ल में बैठी लड़की ने पूछा । 


"हाँ लेकिन पता नहीं आजकल न्यू सिटी बैंक के कस्टमर्ज़ की QUALITY को क्या हो गया। उनका standard दिन पर दिन गिरता ही जा रहा है।" कोयल ने कहा ।


"कैसे?" दूसरी लड़की ने पूछा। 


"अरे अब तुम तो जानती ही हो, न्यू सिटी बैंक के अंदर आने वाले कस्टमर कैसे होते है, लेकिन मैने जब उस लड़के को देखा तो-EWWWW!" कोयल ने मुँह बनाते हुए कहा।


"मतलब! वो क्या कुछ ऐसा वैसा था? मतलब थोड़ा फटीचर टाइप का ?" दूसरी लड़की ने पूछा। 


"हाँ, मुझे तो लगता है की वो कोई पागल था, जिसने ठीक से दुनिया नहीं देखी थी । हो सकता है कि वो किसी पागलखाने से भागकर आया और सीधा न्यू सिटी बैंक में घुस गया । पता नहीं बाद में उसके साथ क्या हुआ होगा और क्या नहीं, लेकिन मैं तो उसी टाइम अपने पापा के साथ वहाँ से निकल गयी थी । लेकिन अब अगर दोबारा मुझे कहीं मिला और उसने ऐसी कोई गलती करने की कोशिश की तो मैं सच बता रही हूँ वो अपना चेहरा किसी को दिखाने के लायक़ नहीं रहेगा ।" कोयल ने अपनी मुट्ठियों को भींचते हुए कहा। 


"Anyways ! क्या तुम लोग भी उसका टॉपिक लेकर बैठ गए । वैसे भी हम अब कभी नहीं मिलने वाले है। अरे यार यह रोशनी और इसका बोयफ़्रेंड कहाँ रह गए? और कितनी देर इंतज़ार करना पड़ेगा । यहाँ पर मुझे तो बहुत ही गर्मी लग रही है।" कोयल ने कहा। 


"वैसे मुझे तो रोशनी का बॉयफ़्रेंड बहुत ही अच्छा लगा यार! वो स्मार्ट है, उसकी हाइट और वो पतला भी है। मुझे ऐसे लड़के ही ना जाने क्यूँ अच्छे लगते है। अगर अमित के जैसा कोई उसका कोई रूममेट भी निकला ना, तो मैं पहले ही बता देती हूँ की वो मेरा रहेगा, सिर्फ़ मेरा!" मानसी ने कहा।


जब से उसने अमित को देखा था, तब से उसे रोशनी से जलन होने लगी थी। 


"ओहो! देखो तो दीदी की कैसे जीभ लपलपा रही है । मैने सुना है की अमित स्पोर्ट्स क्वोटे से है, इसलिए मुझे लगता है की वो और उसके दोस्त भी एक जैसे ही होंगे। अब देखते है की किसको कौन पसंद आता है।" दिशा ने कहा और दरवाज़े के बाहर देखने लगी।


तब तक वो लोग अंदर नहीं पहुँचे थे। जब तक वो लोग अंदर आते, तब तक कोयल उन्हें अपने नए मोबाइल के फ़ीचर्ज़ दिखा रही थी। तीनों लड़कियों ने उसमें ढेर सारी सेल्फ़ी ली और फिर जब वो आख़िर में वेटर को बुलवाकर उससे एक ग्रूप फ़ोटो खिंचवाने ही वाली थी कि तभी रोशनी, अमित, प्रीतम, गर्वित और लकी अंदर आ चुके थे। इससे पहले की लकी पूरा अंदर घुस पाता, उसने प्रीतम से कहा,


"तुम लोग जाओ, मैं ज़रा वाशरूम होकर आता हूँ ।" उसे याद आया की उसकी पेंट पर कीचड़ लगा हुआ था । इसलिए वो उसे साफ़ करने के लिए वाशरूम में चला गया था। इधर प्रीतम और गर्वित ने जैसे ही कोयल, दिशा और मानसी को देखा, उन दोनों की आँखें फटी की फटी ही रह गयी थी। गर्वित की तो चाल ही धीमी हो गयी थी और प्रीतम ने अपनी काँपती आँखों को छुपाने के लिए ऊपर चश्मा पहन लिया था। 


"अर्रे कोयल, दिशा, मानसी किस बारे में बात हो रही है भाई! पता है तुम्हारे हँसने की आवाज़ें बाहर तक आ रही थी । इतना कितना जोर से खिलखिला रही थी की पूरा ढाबा ही गूंजा दिया ।" रोशनी का मन उन तीनों को देखते ही मस्त हो गया था।


 रोशनी की बात सुनते ही उन तीनों ने रोशनी की तरफ़ देखा। उसके पीछे ही अमित खड़ा था और अमित के पीछे गर्वित और प्रीतम खड़े थे। जैसे ही उन लड़कियों की नज़र गर्वित और प्रीतम पर पड़ी, उनकी जैसे बत्तीसी ही गिर गयी। उनका चहेरा लटक गया था और वो तीनों ठगा सा महसूस कर रही थी। उन्हें जैसी उम्मीद थी, वो दोनों लड़के दूर- दूर तक उसके आसपास भी नहीं थे और इसी वजह से एक ही पल में निराशा ने उनके मन को घेर लिया था।


उन दोनों को सिर्फ़ एक बार ही देखने के बाद, उन तीनों ने ऐसी नज़र फेरी थी की दोबारा देखने की हिम्मत तक नहीं की। उनकी ऐसी शक्लें देखकर रोशनी का चेहरा बुझ गया था। वो समझ गयी थी की क्या माजरा था।


उसे तो पहले से ही पता था की यह होने वाला था और इसके लिए उसने अमित को Warning भी दी थी, लेकिन वो माना नहीं। अपनी सहेलियों की बुझी हुई शक्लें देखने के बाद रोशनी ने अमित को ग़ुस्से से घूरकर देखा। अमित के पास सिवाय मुस्कुराने के और कोई चारा नहीं था, लेकिन आज़ पहली बार उसे भी अपने दोस्तों पर शर्म आ रही थी ।


"चलो- चलो बैठते है!" अमित ने सिचूएशन को थोड़ा सा नोर्मल करने के लिए कहा और आगे बोला,


"प्रीतम, तुम दिशा के बग़ल में बैठ जाओ और गर्वित, तुम उधर मानसी के पास चले जाओ!" प्रीतम दिशा की ओर बढ़ ही रहा था, लेकिन उससे पहले ही दिशा उठकर मानसी के बग़ल में बैठ गयी थी।


उसकी इस हरक़त से यह बात साफ़ हो गयी थी की वो प्रीतम को ना तो पसंद करती थी और ना ही उसके साथ बैठना चाहती थी। अमित ने जैसे ही यह देखा, वो मारे शर्म के पानी- पानी हो गया था। उसे अपने दोस्तों के लिए बहुत बुरा लग रहा था। वो यही सोच रहा था की इससे तो अच्छा वो खाने का प्रोग्राम कैन्सल ही कर देता, लेकिन अब तो वो आ गए थे और इसीलिए खाना खाना ज़रूरी था। इधर दिशा और मानसी ने अपने- अपने फ़ोन निकालकर सोशल मीडिया चलाना शुरू कर दिया था।


उस टेबल पर कुल चार लकड़ी के स्टूल लगे हुए थे और एक स्टूल पर दो लोग बैठ सक्ते थे। दिशा और मानसी एक स्टूल पर बैठ गए थे। प्रीतम और गर्वित एक पर बैठ गए थे।


अमित और रोशनी एक स्टूल पर बैठ गए लेकिन कोयल अकेली बैठी थी।


कोयल को अकेले देखकर अमित और रोशनी दोनों ही चौंक गए थे। कोयल उन सब लड़कियों में सबसे सुंदर थी और साथ ही वो सबसे choosy भी थी। उसके पिता के पास खूब पैसा था और इसीलिए उसे ऐसी वैसी चीज़ पसंद नहीं आती थी।


अब ऐसे में अगर लकी कोयल के पास बैठता तो फिर क्या होता! ना कोयल को पता था की उसके पास लकी बैठने वाला था और ना ही लकी को पता था की कोयल के पास ही उसकी सीट खाली थी। भले ही लकी उतना ख़राब नहीं दिखता था जितने उसके बाक़ी के दोस्त दिखते थे, लेकिन उसके कपड़े उसकी पर्सनालिटी की मट्टी पलित करने में लगे हुए थे।


"अर्रे जल्दी- जल्दी खाने को कुछ मँगवाओ, बहुत भूख लगी है!" अमित ने उन सबके बीच पसरे सन्नाटे को चीरते हुए कहा।


 लेकिन रोशनी का ग़ुस्सा अभी तक शांत नहीं हुआ था और उसने अमित को फिर से घूरकर देखा। लेकिन तब तक इधर दिशा और मानसी ने मेन्यू उठा लिया था और मोबाइल से अपनी नज़र हटाकर मेन्यू में घुसा ली थी। इतने में कोयल ने अपने बालों को ठीक करते हुए अमित से पूछा । 


"रोशनी तो बता रही थी की तुम्हारे साथ दो नहीं तीन लड़के आने वाले थे, तो फिर वो तीसरा लड़का कहाँ है?" कोयल ने जिस तरह से यह सवाल किया था, उसे सुनकर तो यही लग रहा था की प्रीतम और गर्वित को देख लेने के बाद भी उसे अभी थोड़ी सी उम्मीद बाक़ी थी, लेकिन उसे पता नहीं था की वो तीसरा लड़का उसके लिए बम बनकर आने वाला था। 


"म्म-वो तीसरा वाला अभी बाथरूम गया हुआ है । वो जल्दी ही आता होगा ।" अमित ने तुरंत जवाब देते हुए कहा।


जैसे ही उसने अपनी बात खत्म की थी ठीक उतनी ही देर में लकी बाथरूम से निपटकर वहाँ आ गया था। अमित अपनी जगह से थोड़ा सा उठा और उसने लकी की तरफ़ हाथ हिलाते हुए कहा,


"ओए लकी! इधर भाई इधर! इधर आजा!" जैसे ही कोयल, दिशा और मानसी ने अमित की आवाज़ सुनी, वो सभी लकी की ओर देखने लगी।


लेकिन दिशा और मानसी को और एक बार निराशा ही हाथ लगी थी । इसलिए उन्होंने उसे देखते ही फिर से अपनी गर्दन नीचे कर ली थी और वो मेन्यू देखने लगी थी। लेकिन कोयल ने जैसे ही लकी को देखा, उसकी आँखें फटी की फटी रह गयी थी।


उसका मन कर रहा था की वो टेबल पर अपना सिर दे मारे। इधर लकी भी उसे देखते ही पहचान गया था और उसकी आँखों में देखते हुए ही वो आगे बढ़ता जा रहा था। वो समझ गया था की कोयल को उसे देखते ही उससे नफ़रत हो गयी थी। जब लकी को और कहीं बैठने की जगह नहीं मिली तो वो आख़िरकार कोयल के ही पास जाकर बैठ गया था।


कोयल ने जैसे ही उसे अपने पास बैठते हुए देखा तो वो उस छोटे से स्टूल में भी उससे जितनी दूर हो सकती थी, उतना दूर होकर बैठ गयी थी। उसे अंदर से तो लकी से बहुत घिन्न आ रही थी। 


"कोयल क्या हुआ?" रोशनी ने कोयल की शक़्ल देखते हुए पूछा। वो उसके चेहरे के हाव भाव को देखते ही समझ गयी थी की कोयल को कुछ तो हुआ था, जो वो अपने मन में छुपा रही थी।


"तुम लोगों कहोगे की मेरी जैसी लड़की की क़िस्मत इतनी ख़राब कैसे हो सकती है, लेकिन यह वही लड़का है जो मुझे न्यू सिटी बैंक में मिला था।" 


"अर्रे बाप रे! यह वही लड़का है?" दिशा ने पूछा। 


"इसको देखकर तो ऐसा ही लग रहा है की इसने वही कपड़े पहने हुए है, जैसे तुमने इसे बैंक में पहने हुए देखा था।" मानसी ने कहा और दोनों ही लकी को ऊपर से नीचे तक देखने लगी ।


"अर्रे तुम लोग ऐसे एक दूसरे के अंदर घुसकर आख़िर किस बारे में बात कर रहे हो?" रोशनी ने पूछा ।


उसे समझ में नहीं आ रहा था की अचानक ही लकी के आने से ऐसा हो गया था, जो उस टेबल पर बैठी बाक़ी की लड़कियाँ भी कुछ- कुछ बात करने लगी थी। रोशनी को लग रहा था की कहीं ऐसा तो नहीं था की उन तीनों में से किसी एक को लकी पसंद आ गया था। लेकिन दिशा ने कोयल और लकी के बीच हुई उस टक्कर के बारे में रोशनी को बताया तो उसकी भी आँखें खुल गयी।


जब लकी के बारे में यह सब बातें की जा रही थी, तब सब लोग लकी को घूरकर देख रहे थे। प्रीतम, अमित, रोशनी, गर्वित और कोयल, सभी की नज़रें लकी के ऊपर टिकी हुई थी । सबके मन में ढेर सारे सवाल थे । उन्हें यह लग रहा था की आख़िर लकी को न्यू सिटी बैंक में जाने की ज़रूरत ही क्या थी? या जब वो गया तो उसे कितनी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा होगा । वहीं रोशनी के मन में यह चल रहा था की लकी के आने की वजह से कहीं कोयल वहाँ से उठकर ना चली जाए । वो जानती थी की कोयल कितनी choosy थी और इतना सब हो जाने के बाद तो वो लकी के साथ एक ही स्टूल पर बैठकर खाना नहीं ही खाने वाले थे।


इधर कोयल ने एक ठंडी सी मुस्कान के साथ रोशनी को देखा और बोली, 


"रोशनी तुम अपने बोयफ़्रेंड के साथ मज़े करो! मुझे थोड़ा सा काम है इसलिए मैं जा रही हूँ!" कोयल ने कहा और बिना किसी की इजाज़त का इंतज़ार किए वो वहाँ से उठ गयी ।


 रोशनी को पहले से ही मालूम था कि ऐसा कुछ होने वाला था फिर भी उसने कोयल को रोकने की कोशिश की लेकिन वो नहीं रुकी । रोशनी का ग़ुस्से भरा चेहरा देखकर इधर अमित अपने आपको कोस रहा था की आख़िर वो इन लोगों को अपने साथ लेकर ही क्यूँ आया था । लकी ने जब देखा की सारी गड़बड़ उसकी वजह से हो रही थी और कोयल लगभग दरवाज़े तक पहुँच ही गयी थी, तो वो ज़ोर से चिल्लाया और बोला,


"रुको!" उसकी आवाज़ सुनते ही सब चौंक गए थे । कोयल भी जाते- जाते एक सेकंड के लिए दरवाज़े पर ही रुक गयी थी । लकी को अंदर ही अंदर बहुत बुरा लग रहा था । एक तो उसे यह बात चुभ रही थी की आज उसकी वजह से कोयल को वहाँ से भूखे उठकर जाना पड़ रहा था और दूसरी बात उसे यह खल रही थी की उसके आसपास की दुनिया और यसके आसपास के लोग सिर्फ़ और सिर्फ़ पैसे के ही पीछे पागल थे । इससे पहले की कोयल दरवाज़े के बाहर निकल पाती, लकी ने उसे आवाज़ देते हुए कहा, 


"क्या है?" कोयल ने लकी से बात करते हुए उसकी ओर देखना तक मुनासिब नहीं समझा और दूर कहीं देखते हुए बोली । लकी उसकी ओर देखकर मुस्कुराया और बोला, 


"बैंक में जो हुआ उसके लिए मैं बैंक मे ही माफ़ी माँग चुका हूँ । मुझे नहीं मालूम था कि तुम्हें मेरी गलती की वजह से ऐसी चोट लग जाएगी । I "am Really Sorry!" कोयल की नज़र अभी भी उसकी ओर नहीं देख रही थी । भले ही लकी की बात सुनकर वो थोड़ा सा पिघल गयी थी । लेकिन अभी भी उसकी घिन्न पूरी तरह से शांत नहीं हुई थी । कोयल ने कोई जवाब नहीं दिया और फिर से निकलने लगी तो लकी ने फिर से उसे रोका और कहा, 


"अर्रे! तुम अपना यह पर्स वहाँ भूल आयी थी । मैं तो बस यही देने के लिए आया था । इसमें तुम्हारा सिटी बैंक का सुप्रीम कार्ड होगा ना!" लकी ने तिरछी नज़रों से उसे देखते हुए कहा ।


 कोयल मन ही मन यह सोच रही थी की इस आदमी के न्यू सिटी बैंक का जब कोई कार्ड था ही नहीं तो फिर इसे कैसे पता की वहाँ पर कौनसा कार्ड चलता है। 


"हो सकता है मैनेजर ने इसे भगाने से पहले इसे समझा दिया हो ।" कोयल ने अपने मन में सोचा और निकलने लगी । लकी अभी भी उसी जगह पर खड़ा था । जैसे ही कोयल दरवाज़े से बाहर होने वाले थी, इतने में उधर से कोई रईसज़ादा सामने से आया और कोयल से जान बूझकर टकरा गया ।


"इडीयट! देखकर नहीं चल सकते क्या!" कोयल ने ग़ुस्से से उस आदमी को देखते हुए कहा । उस आदमी ने काले रंग की शर्ट और हरे रंग की ट्राउज़र पहनी हुई थी । उसके हाथ में कोई बहुत महँगी सी घड़ी भी थी और वो जिस तरह से कोयल को देख रहा था उसकी शक़्ल सी साफ पता चल रहा था की उसकी नियत अच्छी नहीं थी ।k


"अर्रे बेबी क्या हुआ! चोट लगी है, मलम लगा दूँ!" उस लड़के ने कोयल को छेड़ते हुए कहा । कोयल को उसकी इस बात पर बहुत ग़ुस्सा आया । एक तो वो पहले ही सुबह की अपनी चोट भूली नहीं थी और उसके बाद इस आदमी के टकराने के बाद उसका ग़ुस्सा और बढ़ गया था । इतना कहते ही वो आदमी कोयल की दिशा में आगे बढ़ने लगा था । लकी कोयल से थोड़ी ही दूरी पर खड़ा था । सभी लोग बस देखे जा रहे थे । 


अब आगे क्या होगा?


क्या लकी कोयल को बचाने के लिए बीच में आएगा?


या वो उसे अपनी क़िस्मत के भरोस छोड़ देगा?


Ch 5 - Hostel Reunion

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